तेरा ध्यान आता रहा देर तक

Tera Dhyan Aata Raha Der Tak - तेरा ध्यान आता रहा देर तक

तेरा ध्यान आता रहा देर तक मैं ख़ुद को भी अच्छा लगा देर तक, हर इक बात से ला-तअल्लुक़ रहा सुनी मैं ने अपनी सदा देर तक, मुसाफ़िर तिरा ज़िक्र करते रहे महकता रहा रास्ता देर तक, वही सारी बातें वही सब ख़याल चला रात भी सिलसिला देर तक, नवाज़े गए कुछ भले आदमी सभा … Read more

न आए लब पे तो काग़ज़ पे लिख दिया जाए

Na Aae Lab Pe to Kaghaz Pe Likh Diya Jae - न आए लब पे तो काग़ज़ पे लिख दिया जाए

न आए लब पे तो काग़ज़ पे लिख दिया जाए किसी ख़याल को मायूस क्यों किया जाए, किसी पे मिटने मिटाने से फ़ाएदा क्या है मज़ा तो जब है किसी के लिए जिया जाए, वो देखता है वज़ाहत-तलब निगाहों से मैं चाहता हूँ इशारा समझ लिया जाए, ये सोच कर कि अकेले सफ़र पे जाना … Read more