रात आई है बलाओं से रिहाई देगी

Raat Aai Hai Balaon Se Rihai Degi - रात आई है बलाओं से रिहाई देगी

रात आई है बलाओं से रिहाई देगी अब न दीवार न ज़ंजीर दिखाई देगी, वक़्त गुज़रा है प मौसम नहीं बदला यारो ऐसी गर्दिश है ज़मीं ख़ुद भी दुहाई देगी, ये धुँदलका सा जो है इस को ग़नीमत जानो देखना फिर कोई सूरत न सुझाई देगी, दिल जो टूटेगा तो इक तरफ़ा चराग़ाँ होगा कितने … Read more

अगले दिन कुछ ऐसे होंगे

Agle Din Kuchh Aise Honge - अगले दिन कुछ ऐसे होंगे

अगले दिन कुछ ऐसे होंगे छिलके फलों से महँगे होंगे, नन्ही नन्ही चियूँटियों के भी हाथी जैसे साए होंगे, भीड़ तो होगी लेकिन फिर भी सूने सूने रस्ते होंगे, फूल खुलेंगे तन्हा तन्हा झुरमुट झुरमुट काँटे होंगे, लोग उसे भगवान कहेंगे जिस की जेब में पैसे होंगे, रीत जलेगी धूप में ‘अनवर’ बर्फ़ पे बादल … Read more