क्या हुई मुझ से ख़ता मालूम कर

Kya Hui Mujhse Khata Malum Kar - क्या हुई मुझ से ख़ता मालूम कर

क्या हुई मुझ से ख़ता मालूम कर क्यों मिली है ये सज़ा मालूम कर, हो रहा है ज़िक्र उस का हर कहीं क्या शगूफ़ा है नया मालूम कर, सर-कशी की है हमें आदत बहुत तू हवाओं की दिशा मालूम कर, चाक दिल है काँपते लब आँख नम मरज़ मेरे की शिफ़ा मालूम कर, रुक गए … Read more

क़िस्से सब खुल गए छुपाए हुए

Qisse Sab Khul Gae Chhupae Hue - क़िस्से सब खुल गए छुपाए हुए

क़िस्से सब खुल गए छुपाए हुए रंग उड़ने ही थे बनाए हुए, उस ज़बाँ से नए लगे मुझ को सारे जुमले सुने सुनाए हुए, चल मिरे साथ कुछ ख़बर तो ले लोग हैं ये तिरे सताए हुए, देखते देखते खंडर हो गए बाप दादा के घर बसाए हुए, मेरा कुछ देर रोना लाज़िम है ख़्वाब … Read more