उस की नज़रों में अब धुआँ हूँ मैं

us ki nazron mein ab dhuan hun main - उस की नज़रों में अब धुआँ हूँ मैं

उस की नज़रों में अब धुआँ हूँ मैं अब ज़मीं हूँ न आसमाँ हूँ मैं, ना-मुकम्मल सी दास्ताँ हूँ मैं दिल-ए-नाकाम की ज़बाँ हूँ मैं, लोग अरमान जिन को कहते हैं उन चराग़ों का ही धुआँ हूँ मैं, क्या हुआ वो जो मुझ से कहता था तेरी दुनिया तिरा जहाँ हूँ मैं, हद नहीं आलम-ए-तसव्वुर … Read more

ज़माना संग है फ़रियाद आईना मेरी

zamana sang hai fariyaad aaina meri - ज़माना संग है फ़रियाद आईना मेरी

ज़माना संग है फ़रियाद आईना मेरी ग़लत कहूँ तो ज़बाँ छीन ले ख़ुदा मेरी, तिरा क़ुसूर है इस में न है ख़ता मेरी तिरी ज़मीं पे जो बरसी नहीं घटा मेरी, जहाँ से तर्क-ए-तअ’ल्लुक़ किया था तू ने कभी खड़ी हुई है उसी मोड़ पर वफ़ा मेरी, तुम इस लिबास-ए-दरीदा पे तंज़ करते हो इसी … Read more