जब कभी हुस्न की पाकीज़ा कहानी लिखना

jab kabhi husn ki pakiza kahani likhna - जब कभी हुस्न की पाकीज़ा कहानी लिखना

जब कभी हुस्न की पाकीज़ा कहानी लिखना श्याम के इश्क़ में मीरा को दिवानी लिखना, तुम किसी फूल को मुरझाते हुए देखना जब उस घड़ी बैठ के अंजाम-ए-जवानी लिखना, ज़िंदगी जिस के तसव्वुर से सँवर जाती है मेरे हिस्से में वही शाम सुहानी लिखना, अपने मक़्सद के लिए अहल-ए-सियासत ने यहाँ किस तरह खोई बुज़ुर्गों … Read more

हर सितम सह के मुस्कुरा देना

har sitam sah ke muskura denaहर सितम सह के मुस्कुरा देना

हर सितम सह के मुस्कुरा देना मैं ने सीखा है ग़म भुला देना, उँगलियाँ जो उठाते हैं सब पर आइना उन को भी दिखा देना, है मोहब्बत की आरज़ू जिन को उन को मेरा पता बता देना, उन को आता है क्या सिवा इस के हाल-ए-दिल सुनना मुस्कुरा देना, ऐ ‘अना’ है यही मिरा शेवा … Read more