जब मैं तेरा गीत लिखने लगी

Jab Main Tera Geet Likhne Lagi - जब मैं तेरा गीत लिखने लगी

मेरे शहर ने जब तेरे कदम छुए सितारों की मुठियाँ भरकर आसमान ने निछावर कर दीं, दिल के घाट पर मेला जुड़ा , ज्यूँ रातें रेशम की परियां पाँत बाँध कर आई, जब मैं तेरा गीत लिखने लगी काग़ज़ के ऊपर उभर आईं केसर की लकीरें, सूरज ने आज मेहंदी घोली हथेलियों पर रंग गई, … Read more

मैं तुझे फिर मिलूँगी

Main Tujhe Phir Milungi

मैं तुझे फिर मिलूँगी कहाँ कैसे पता नहीं शायद तेरे कल्पनाओं की प्रेरणा बन तेरे केनवास पर उतरुँगी या तेरे केनवास पर एक रहस्यमयी लकीर बन ख़ामोश तुझे देखती रहूँगी मैं तुझे फिर मिलूँगी कहाँ कैसे पता नहीं या सूरज की लौ बन कर तेरे रंगो में घुलती रहूँगी या रंगो की बाँहों में बैठ … Read more