साए ढलने चराग़ जलने लगे

Sae Dhalne Charag Jalne Lage - साए ढलने चराग़ जलने लगे

साए ढलने चराग़ जलने लगे लोग अपने घरों को चलने लगे, इतनी पुर-पेच है भँवर की गिरह जैसे नफ़रत दिलों में पलने लगे, दूर होने लगी जरस की सदा कारवाँ रास्ते बदलने लगे, उस के लहजे में बर्फ़ थी लेकिन छू के देखा तो हाथ जलने लगे, उस के बंद-ए-क़बा के जादू से साँप से … Read more

चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन

Chehre Pe Mere Zulf Ko Phailao Kisi Din - चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन

चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन क्या रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन, राज़ों की तरह उतरो मिरे दिल में किसी शब दस्तक पे मिरे हाथ की खुल जाओ किसी दिन, पेड़ों की तरह हुस्न की बारिश में नहा लूँ बादल की तरह झूम के घर आओ किसी दिन, ख़ुशबू की तरह … Read more