ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ

Ze-Haal-E-Miskin Makun Taghaful Durae Nainan Banae Batiyan

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ कि ताब-ए-हिज्राँ नदारम ऐ जाँ न लेहू काहे लगाए छतियाँ, शबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़ ओ रोज़-ए-वसलत चूँ उम्र-ए-कोताह सखी पिया को जो मैं न देखूँ तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ, यकायक अज़ दिल दो चश्म जादू ब-सद-फ़रेबम ब-बुर्द तस्कीं किसे पड़ी है जो जा सुनावे पियारे पी को … Read more

बहुत कठिन है डगर पनघट की

bahut kathin hai dagar panghat ki - बहुत कठिन है डगर पनघट की

बहुत कठिन है डगर पनघट की कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकी, मेरे अच्छे निज़ाम पिया कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकी, ज़रा बोलो निज़ाम पिया पनिया भरन को मैं जो गई थी, दौड़ झपट मोरी मटकी पटकी बहुत कठिन है डगर पनघट की, खुसरो निज़ाम के बल-बल जाइए लाज राखे मेरे घूँघट … Read more