उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ

us ki hasrat hai jise dil se mita bhi na sakun - उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ

उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ, डाल के ख़ाक मेरे ख़ून पे क़ातिल ने कहा कुछ ये मेहंदी नहीं मेरी कि छुपा भी न सकूँ, ज़ब्त कम-बख़्त ने याँ आ के गला घोंटा है कि उसे हाल सुनाऊँ तो सुना … Read more

सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता

sarakti jae hai rukh se naqab aahista aahista - सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता

सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता निकलता आ रहा है आफ़्ताब आहिस्ता आहिस्ता, जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता, शब-ए-फ़ुर्क़त का जागा हूँ फ़रिश्तो अब तो सोने दो कभी फ़ुर्सत में कर लेना हिसाब आहिस्ता आहिस्ता, सवाल-ए-वस्ल पर उन को अदू … Read more