बहुत बे-ज़ार होती जा रही हूँ

bahut be-zar hoti ja rahi hun - बहुत बे-ज़ार होती जा रही हूँ

बहुत बे-ज़ार होती जा रही हूँ मैं ख़ुद पर बार होती जा रही हूँ, तुम्हें इक़रार के रस्ते पे ला कर मैं ख़ुद इंकार होती जा रही हूँ, कहीं मैं हूँ सरापा रहगुज़र और कहें दीवार होती जा रही हूँ, बहुत मुद्दत से अपनी खोज में थी सो अब इज़हार होती जा रही हूँ, भँवर … Read more

रस्ता रोकती ख़ामोशी में कौन सी बात सुनानी है

rasta rokti khamoshi me kaun si baat sunani hai - रस्ता रोकती ख़ामोशी में कौन सी बात सुनानी है

रस्ता रोकती ख़ामोशी में कौन सी बात सुनानी है रात की आँखें जान रही हैं किस के पास कहानी है, आँख ने वहशत ओढ़ी है या मंज़र में हैरानी है दश्त ने दामन झाड़ के पूछा अब कैसी वीरानी है, मंज़र है खिड़की के अंदर या है खिड़की से बाहर गर्दूं की गीराई है या … Read more