ज़मीं जैसे की आतिश-फ़िशाँ को साथ लिए

Zamin Jaise Ki Aatish-Fishan Ko Sath Liye - ज़मीं जैसे की आतिश-फ़िशाँ को साथ लिए

ज़मीं जैसे की आतिश-फ़िशाँ को साथ लिए यूँ जी रहा हूँ मैं दर्द-ए-निहाँ को साथ लिए, हुआ शिकार सियासत का अब के मौसम भी बहार आई है लेकिन ख़िज़ाँ को साथ लिए, रुको तो यूँ कि ठहर जाए गर्दिश-ए-दौराँ चलो तो ऐसे कि सारे जहाँ को साथ लिए, नफ़स नफ़स हैं उजाले हज़ार कर्ब लिए … Read more

दर्द ऐसा दिया एहसास-ए-वफ़ा ने हम को

Dard Aisa Diya Ehsas-E-Wafa Ne Hum Ko - दर्द ऐसा दिया एहसास-ए-वफ़ा ने हम को

दर्द ऐसा दिया एहसास-ए-वफ़ा ने हम को न दवा ने ही शिफ़ा दी न दुआ ने हम को, ये तो सहरा की हवाएँ हैं गिला क्या उन का ख़ूब झुलसाया है गुलशन की सबा ने हम को, सोज़-ए-आफ़ाक़ का एहसास भी हम को न हुआ इतना बेहोश किया तेरी अदा ने हम को, दूर होता … Read more