है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ

hai justuju ki khub se hai khub-tar kahan - है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ

है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ अब ठहरती है देखिए जा कर नज़र कहाँ, हैं दौर-ए-जाम-ए-अव्वल-ए-शब में ख़ुदी से दूर होती है आज देखिए हम को सहर कहाँ, या रब इस इख़्तिलात का अंजाम हो ब-ख़ैर था उस को हम से रब्त मगर इस क़दर कहाँ, इक उम्र चाहिए कि गवारा हो नीश-ए-इश्क़ … Read more

हक़ वफ़ा के जो हम जताने लगे

haq wafa ke jo hum jatane lage - हक़ वफ़ा के जो हम जताने लगे

हक़ वफ़ा के जो हम जताने लगे आप कुछ कह के मुस्कुराने लगे, था यहाँ दिल में तान-ए-वस्ल-ए-अदू उज़्र उन की ज़बाँ पे आने लगे, हम को जीना पड़ेगा फ़ुर्क़त में वो अगर हिम्मत आज़माने लगे, डर है मेरी ज़बाँ न खुल जाए अब वो बातें बहुत बनाने लगे, जान बचती नज़र नहीं आती ग़ैर … Read more