कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता

Kuchh to Tanhai Ki Raaton Mein Sahaara Hota - कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता

कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता तुम न होते न सही ज़िक्र तुम्हारा होता, तर्क-ए-दुनिया का ये दावा है फ़ुज़ूल ऐ ज़ाहिद बार-ए-हस्ती तो ज़रा सर से उतारा होता, वो अगर आ न सके मौत ही आई होती हिज्र में कोई तो ग़म-ख़्वार हमारा होता, ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब ऐश … Read more

ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए

Ai Dil Wo Aashiqi Ke Fasane Kidhar Gae - ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए

ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए, वीराँ हैं सहन ओ बाग़ बहारों को क्या हुआ वो बुलबुलें कहाँ वो तराने किधर गए, है नज्द में सुकूत हवाओं को क्या हुआ लैलाएँ हैं ख़मोश दिवाने किधर गए, उजड़े पड़े हैं दश्त ग़ज़ालों पे क्या बनी सूने … Read more