आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है

aaj yaron ko mubarak ho ki subh-e-id hai - आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है, दिल दिवाना हो गया है देख ये सुब्ह-ए-बहार रसमसा फूलों बसा आया अंखों में नींद है, शेर आशिक़ आज के दिन क्यूँ रक़ीबाँ पे न हों यार पाया है बग़ल में ख़ाना-ए-ख़ुरशीद है, ग़म के पीछो रास्त … Read more

तुम्हारे लोग कहते हैं कमर है

tumhaare log kahte hain kamar hai - तुम्हारे लोग कहते हैं कमर है

तुम्हारे लोग कहते हैं कमर है कहाँ है किस तरह की है किधर है, लब-ए-शीरीं छुपे नहिं रंग-ए-पाँ सीं निहाँ मिन्क़ार-ए-तूती में शकर है, क्या है बे-ख़बर दोनों जहाँ सीं मोहब्बत के नशे में क्या असर है, तिरा मुख देख आईना हुआ है तहय्युर दिल कूँ मेरे इस क़दर है, तख़ल्लुस ‘आबरू’ बर जा है … Read more