मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं

मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं - mohibo nichhohibo saneh mein to nayo naahin

मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं भले ही निठुर भये, काहे को लजाइये, तन मन रावरे सो मतों के मगन हेतु उचरि गये ते कहा तुम्हें खोरि लाइये, चित लाग्यो जित, जैहै तितही ’रहीम’ नित धाधवे के हित इत एक बार आइये, जान हुरसी उर बसी है तिहारे उर मोसों प्रीति बसी तऊ हँसी … Read more

अति अनियारे मानों सान दै सुधारे

ati aniyaare maanon saan dai sudhaare - अति अनियारे मानों सान दै सुधारे

अति अनियारे मानों सान दै सुधारे, महा विष के विषारे ये करत पर-घात हैं ऐसे अपराधी देख अगम अगाधी यहै, साधना जो साधी हरि हयि में अन्‍हात हैं बार बार बोरे याते लाल लाल डोरे भये, तोहू तो ‘रहीम’ थोरे बिधि ना सकात हैं घाइक घनेरे दुखदाइक हैं मेरे नित, नैन बान तेरे उर बेधि … Read more