ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ

khali hai abhi jam main kuchh soch raha hun - ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ

ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ ऐ गर्दिश-ए-अय्याम मैं कुछ सोच रहा हूँ, साक़ी तुझे इक थोड़ी सी तकलीफ़ तो होगी साग़र को ज़रा थाम मैं कुछ सोच रहा हूँ, पहले बड़ी रग़बत थी तिरे नाम से मुझ को अब सुन के तिरा नाम मैं कुछ सोच रहा हूँ, इदराक अभी पूरा … Read more

आंखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता

आंखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता - aankhon se teri zulf ka saya nahin jata

आंखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता आराम जो देखा है भुलाया नहीं जाता, अल्लाह रे नादान जवानी की उमंगें जैसे कोई बाज़ार सजाया नहीं जाता, आंखों से पिलाते रहो साग़र में न डालो अब हम से कोई जाम उठाया नहीं जाता, बोले कोई हंस कर तो छिड़क देते हैं जां भी लेकिन कोई … Read more