बन गए दिल के फ़साने क्या क्या

बन गए दिल के फ़साने क्या क्या
खुल गए राज़ न जाने क्या क्या,

कौन था मेरे अलावा उस का
उस ने ढूँडे थे ठिकाने क्या क्या,

रहमत-ए-इश्क़ ने बख़्शे मुझ को
उस की यादों के ख़ज़ाने क्या क्या,

आज रह रह के मुझे याद आए
उस के अंदाज़ पुराने क्या क्या,

रक़्स करती हुई यादें उन की
और दिल गाए तराने क्या क्या,

तेरा अंदाज़ निराला सब से
तीर तो एक निशाने क्या क्या,

आरज़ू मेरी वही है लेकिन
उस को आते हैं बहाने क्या क्या,

राज़-ए-दिल लाख छुपाया लेकिन
कह दिया उस की अदा ने क्या क्या,

दिल ने तो दिल ही की मानी ‘मीता’
अक़्ल देती रही ताने क्या क्या।

Ban Gae Dil Ke Fasane Kya Kya

ban gae dil ke fasane kya kya
khul gae raaz na jaane kya kya,

kaun tha mere alawa us ka
us ne dhunde the thikane kya kya,

rahmat-e-ishq ne bakhshe mujh ko
us ki yaadon ke khazane kya kya,

aaj rah rah ke mujhe yaad aae
us ke andaz purane kya kya,

raqs karti hui yaaden un ki
aur dil gae tarane kya kya,

tera andaz nirala sab se
tir to ek nishane kya kya,

aarzu meri wahi hai lekin
us ko aate hain bahane kya kya,

raaz-e-dil lakh chhupaya lekin
kah diya us ki ada ne kya kya,

dil ne to dil hi ki mani ‘mita’
aql deti rahi tane kya kya.

بن گئے دل کے فسانے کیا کیا

بن گئے دل کے فسانے کیا کیا
کھل گئے راز نہ جانے کیا کیا

کون تھا میرے علاوہ اس کا
اس نے ڈھونڈے تھے ٹھکانے کیا کیا

رحمت عشق نے بخشے مجھ کو
اس کی یادوں کے خزانے کیا کیا

آج رہ رہ کے مجھے یاد آئے
اس کے انداز پرانے کیا کیا

رقص کرتی ہوئی یادیں ان کی
اور دل گائے ترانے کیا کیا

تیرا انداز نرالا سب سے
تیر تو ایک نشانے کیا کیا

آرزو میری وہی ہے لیکن
اس کو آتے ہیں بہانے کیا کیا

راز دل لاکھ چھپایا لیکن
کہہ دیا اس کی ادا نے کیا کیا

دل نے تو دل ہی کی مانی میتاؔ
عقل دیتی رہی طعنے کیا کیا

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